मिसकरेज़ होने से बचने के उपाय / मिसकरेज़ होने से कैसे बचा जा सकता है ??


प्रसव का समय से पहले गर्भ से बाहर आ जाना गर्भपात या गर्भस्राव कहलाता है। गर्भपात को अंग्रेजी में मिसकैरेज (Miscarriage) कहते हैं। चार महीने तक के गर्भ में मांस नहीं होता है, अत: इस अवधि में गिरने वाले गर्भपात होने पर पीरियड की तरह ही योनि से सिर्फ खून निकलता है। जिसे गर्भपात या गर्भस्राव कहते हैं।

गर्भपात होने के संभावना को कम करने के लिए आहार और जीवनशैली पर ध्यान देने की जरूरत होती है। चलिये इसके बारे में विस्तार से जानते हैं।


पुदीना– पुदीने का तेल या पुदीने की चाय का रोज सेवन करने से गर्भपात हो सकता है। इसलिए गर्भावस्था में इनके सेवन से परहेज करें।
पपीता और अनानास- गर्भपात के लिए पपीते के बारे में आप सभी ने सुना होगा क्योंकि हर गर्भवती स्त्री को ये सलाह दी जाती है कि वो पपीते से दूर रहे वरना उन्हें भी गर्भ से जुड़ी समस्या हो सकती है क्योंकि पपीते और अनानास में पपेन नाम का रसायन पाया जाता है जो गर्भपात को बढ़ावा देता है। इसलिए प्रेग्नेन्सी के समय पपीता व अनानास नहीं खाना चाहिए।
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मिसकरेज़ होने से बचने के उपाय / मिसकरेज़ होने से कैसे बचा जा सकता है ?? मिसकरेज़ होने से बचने के उपाय / मिसकरेज़ होने से कैसे बचा जा सकता है ?? Reviewed by Author on June 02, 2020 Rating: 5

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