आपकी इन गलतियों से पैदा होते हैं विकलांग बच्चे

विशेषज्ञों की मानें तो प्रेग्नेंसी के दौरान महिलाओं के शरीर में कई बदलाव होते हैं। इसमें हार्मोनल चेंजेज भी शामिल होते है। इसकी वजह से उन्हें समय-समय पर कुछ खास खाने का मन होता है। जैसे कि खट्टा, चटपटा आदि. प्रेग्नेंसी में ऐसा करना मां को तो संतोष देता है, बच्चों पर इसका नकारात्मक प्रभाव पड़ता है, जो उनमें विकलांगता के खतरे को बढ़ा देता है.
प्रेग्नेंसी के दौरान कुछ बातों का ख्याल रखकर आप अपने होने वाले शिशु को विकलांगता से बचा सकते हैं।
सभी जरुरी जांच कराएं
अगर आप गर्भधारण करना चाहती है तो 3 महीने पहले से प्रेग्नेंसी की तैयारी शुरू कर देनी चाहिए। तीन महीने पहले सभी जरूरी टेस्ट जैसे थायरॉयड, सिस्ट आदि का टेस्ट जरूर कराएं। साथ ही प्रेग्नेंसी के 3 महीने पहले से ही महिलाओं को फॉल‍िक एसिड का सेवन शुरू कर देना चाहिए। ताकि बच्चे और मां में खून की कमी न हो और इसकी वजह से आगे चलकर कोई दिक्‍कत न आएं।
वायरल इंफेक्शन से दूर रहें
प्रेग्नेंसी के दौरान मां को ऐसे लोगों से दूर रहना चाहिए, जिन्हें वायरल इंफेक्शन है। यही वजह है कि डॉक्टर्स हमेशा गर्भवती महिलाओं को भीड़-भाड़ वाली जगहों पर जाने से मना करते हैं। पब्ल‍िक एरिया में कई तरह के इंफेक्शन का डर होता है। इंफेक्‍शन के चपेट में आने से इसका असर भ्रूण के विकास पर भी पड़ता है।
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आपकी इन गलतियों से पैदा होते हैं विकलांग बच्चे आपकी इन गलतियों से पैदा होते हैं विकलांग बच्चे Reviewed by Author on February 17, 2020 Rating: 5
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