सिर्फ भाग्‍यशाली पुरुषों में होते हैं ये लक्षण और किसी में नहीं

किसी भी पुरुष जातक की अंगुलात्‍मक ऊंचाई, शरीर का वजन, चलने का अंदाज, संहति, सार, वर्ण, स्‍नेह यानी स्निग्‍धता, स्‍वर यानी शब्‍द, प्रकृति, सत्‍व, अनूक, क्षेत्र, मृजा यानी  पंचमहाभूतमयी शरीर छाया को जानकर किसी पुरुष के भाग्‍यशाली होने के लक्षण पता किए जाते हैं। वृहत्‍संहिता में पुरुषों और स्त्रियों के शुभ एवं अशुभ लक्षण दिए गए हैं। इस लेख में मैं चर्चा करूंगा पुरुषों के शुभ लक्षणों की…

पांव

स्‍वेद रहित, कोमल तल वाले, कमलोदर के समान, सम्मिलित अंगुलियों वाले, ताम्र वर्ण के सुंदर नख वाले, सुंदर एडि़यों से युक्‍त, गरम, शिराओं से रहित, पांव की गांठी छिपी हुई और कछुए के भांति पृष्‍ठ हो तो जातक राजा समान होता है।

जंघा

विरल तथा सूक्ष्‍म रोमों से युक्‍त, गजशुण्‍ड के समान सुंदर ऊरू वाले तथा पुष्‍ट और समान जानु वाले मनुष्‍य राजा होते हैं। राजाओं की जंघा के रोम कूपों में एक एक रोम, पंडित और श्रोत्रिय की जंघाओं के रोम कूपों में दो दो रोम होते हैं। छोटी जंघा वाला भाग्‍यशाली और बड़ी जंघा वाला जातक दीर्धजीवी होता है।

लिंग

छोटे लिंग वाला मनुष्‍य धनी और संतानरहित होता है। दाहिनी ओर झुके हुए लिंग वाला मनुष्‍य पुत्रवान, स्‍थूल ग्रंथियुक्‍त लिंग वाला सुखी मनुष्‍य होता है। समान अण्‍ड वाला मनुष्‍य राजा होता है और लंबे अण्‍ड वाला जातक दीर्धजीवी होता है।

नाभि

गोल ऊंची और विस्‍तीर्ण नाभि वाले मनुष्‍य सुखी होते हैं। दक्षिणावर्त नाभि तत्‍वज्ञानी बनाती है। दोनों पार्श्‍व में आयत नाभि दीर्घायु, ऊपर की ओर आयत नाभि ऐश्‍वर्य और नीचे की ओर आयत नाभि गायों से युक्‍त बनाती है। कमल कोर की तरह नाभि हो तो जातक राजा बनता है।
सिर्फ भाग्‍यशाली पुरुषों में होते हैं ये लक्षण और किसी में नहीं सिर्फ भाग्‍यशाली पुरुषों में होते हैं ये लक्षण और किसी में नहीं Reviewed by Author on February 04, 2020 Rating: 5
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