जूते पोलिश करने वाला बना इंडियन आइडल का विनर

तीन महीने का लंबा सफर तय करने के बाद सनी हिंदुस्तानी का 'इंडियन आइडल 11' की ट्रॉफी उठाने का ख्वाब पूरा हो गया है. मूल रूप से पंजाब के बठिंडा रहने वाले और बेहद गरीब परिवार से आने वाले सनी हिंदुस्तानी के लिए इस मुकाम तक पहुंचना कोई आसान काम नहीं था, लेकिन उनके सुरों की ताज़गी और संगीत के लिए उनकी दीवानगी ने उन्हें इंडियन आइडल सीज़न 11 का खिताब दिला दिया. इस सिंगिंग रिएलिटी शो को जीतने के बाद सनी ने अपनी मां के चेहरे पर आए मुस्कान की बात की. अपनी ज़िंदगी बदलने के लिए उन्होंने इंडियन का भी शुक्रिया अदा किया.

गाना कैसे शुरू किया ?

सनी ने बताया है कि उनके पिता घर पर मनोरंजन के लिए गाया करते थे. उन्हीं को देखकर सात साल की उम्र से ही सनी ने भी गाना शुरू कर दिया. सनी ने बताया कि वो किसी दरगाह पर जाते थे. वहां वो नुसरत फतेह अली खान का गाना सुनते थे. तभी से वो भी गाने लगे. सनी ने नुसरत फतेह अली खान को ही सुनसुन कर गाना सीखा. उन्होंने ये भी बताया कि गाने से पहली कमाई के तौर पर उन्हें 1500 रुपये मिले थे.

अब इंडियन आइडल जीतने पर उन्हें ट्रॉफी के साथ साथ 25 लाख रुपये का ईनाम भी मिला है. साथ ही एक गाने का भी कॉन्ट्रैक्ट उनके पास है. हालांकि सनी की आवाज़ का जादू ऐसा है कि बॉलीवुड में भी उनके कई फैन हैं.
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जूते पोलिश करने वाला बना इंडियन आइडल का विनर जूते पोलिश करने वाला बना इंडियन आइडल का विनर Reviewed by Author on February 24, 2020 Rating: 5
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