Heart Attack: Symptoms, Causes And Treatment - Best Solution

Heart attack

हार्ट अटैक क्या होता है ? शरीर में रक्त संचार के संतुलन को बनाये रखने के लिए हृदय(heart) एक पंप की तरह कार्य करता है. लेकिन कई बार अचानक हृदय ऐसा करने में असमर्थ हो जाता हो तथा रक्त संचार रुक जाता है.  इसे ही 'Heart attack' कहते हैं

विस्तार से समझा जाये तो हमारे हृदय में रक्त संचार के लिए अलग-अलग धमनियां होती है जिसे कोरोनरी आरटेरी(coronary Artery) के नाम से जाना जाता है. वसायुक्त पदार्थ के अत्यधिक सेवन से कोरोनरी आरटेरी अपना काम करना बंद कर देती है क्योंकि इसकी सतहों में धीरे-धीरे चिकनाई जमती रहती है. इसके साथ ही इसमें कैल्शियम तथा अन्य पदार्थ भी जम जाते हैं इसे प्लाक(plaque) कहते हैं

Heart Attack
प्लाक के कारण कोरोनरी आरटेरी(coronary artery) के अंदर बहुत कम भाग बचता है जिसके कारण यह शरीर के सभी भागों को ठीक प्रकार से रक्त संचार नहीं कर पाती. इसे हार्ट अटैक कहते हैं

सर्वे की रिपोर्ट के अनुसार विश्व में हर साल लगभग 20 लाख जनसंख्या heart attack के कारण खत्म हो जाती है. मत्तलब कि हर 33 सेकंड में एक व्यक्ति की मृत्यु होती है और उसका कारण होता है सिर्फ और सिर्फ हार्ट अटैक

Types of heart attack(हार्ट अटैक के प्रकार) :-

हृदय रोग मुख्य रूप से 3 तरह के होते हैं
  1. STEMI( एसटी सेगमेंट एलिवशन मायोकार्डियल इन्फ्राक्शन)
  2. NSTEMI( नॉन एसटी सेगमेंट एलिवशन मायोकार्डियल इन्फ्राक्शन)
  3. कोरोनेरी ऐंठन
  • STEMI( एसटी सेगमेंट एलिवशन मायोकार्डियल इन्फ्राक्शन :-
STEMI हार्ट अटैक में छाती में दर्द होने लगता है तथा जकड़न होती है. छाती के साथ-साथ पीठ, बाजू, गले में भी जकड़न हो सकती है
  • NSTEMI( नॉन एसटी सेगमेंट एलिवशन मायोकार्डियल इन्फ्राक्शन) :-
इसमें कोरोनरी आरटेरी पूरी तरह से नष्ट हो जाता है
  • कोरोनेरी ऐंठन:-
इसके लक्षण बिलकुल STEMI(एसटी सेगमेंट एलिवशन मायोकार्डियल इन्फ्राक्श) के समान होते हैं. परन्तु इसमें मांसपेशियों में दर्द होने लगता है तथा खाया हुआ खाना पचाने में भी दिक्कत आती है.

यह सामान्य होता है तथा इससे जान-माल का कोई खतरा नहीं होता परन्तु दुबारा से हार्ट अटैक आ सकता है

Symptoms Of Heart attack(हार्ट अटैक के लक्षण) :-
  • भय तथा चिंता महसूस होना
  • पेट में दर्द तथा छाती में दर्द, अपच इत्यादि होता है
  • ऑक्सीजन लेने में कठिनाई आना
  • सर घूमने लगता है तथा उलटी को भी मन कर सकता है
  • पैरों में सूजन हो जाना
  • वजन का अचानक से बढ़ जाना
  • दिल की धड़कन या तो तेज़ हो जाना या फिर रुक जाना
  • चक्कर आना
  • अचानक से छाती, बाज़ी, गले, पीठ तथा जबड़े में जकड़न महसूस होने लगती है
Causes of heart attack(हार्ट अटैक के कारण) :-

किन कारणों से तथा किन वस्तुओं के खाने से हार्ट अटैक का खतरा बढ़ जाता है
  • धूम्रपान(बीड़ी, सिगरेट तंबाकू तथा किसी भी प्रकार का नशा) हार्ट अटैक का मुख्य कारण है
  • वसायुक्त पदार्थ(तेल, घी, तेल से बने सभी पदार्थ) का अधिक मात्रा में उपयोग करना
  • कोल्ड ड्रिंक तथा नमक का प्रयोग करना
  • चावल का कम से कम प्रयोग करे
यह थे वे कारण/आदतें जिनकी वजह से हार्ट अटैक की सम्भावनाएँ बड़ जाती है

Prevention from heart attack( हार्ट अटैक से बचाव) :-

  • हार्ट अटैक से बचा जा सकता है लेकिन उसके लिए आपको निम्निलिखित नियम पालन करने होंगे
  • हरी-सब्जियों का प्रयोग में लाएं
  • पानी अधिक मात्रा में पियें
  • सुबह टहलें या फिर व्यायाम करें
  • रक्त में कोलेस्ट्रॉल का स्तर न बढ़ने दें तथा अगर आप मधुमेह के रोगी हो तो डॉक्टर से जांच अवश्य कराएँ(मधुमेह से केसै बचा जा सकता है, जरूर पढ़ें)
  • हाई ब्लड प्रेशर तथा तनाव में न रहें

Treatment of heart attack(हार्ट अटैक का उपचार)
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जैसे की हमने आपको उपर हार्ट अटैक के प्रकार बताये तो वैसे ही हार्ट अटैक का उपचार भी उसके प्रकार पर निर्भर करता है
STEMI( एसटी सेगमेंट एलिवशन मायोकार्डियल इन्फ्राक्शन) के दौरान उपचार :- यह हार्ट अटैक का सबसे खतरनाक प्रकार है और ऐसे में तो सबसे पहले आपातकालीन उपचार(डॉक्टर) की ज़रूरत होती है. ताकि जल्द से जल्द रोगी की जान बचाई जा सके

Diet during heart attack(हार्ट अटैक के रोगी को किस-प्रकार का भोजन करना चाहिए) :-
  • हरी-सब्ज़ियां तथा फलों का प्रयोग करें क्योंकि स्वस्थ हृदय के लिए हरी-सब्जियां बहुत ही लाभदायक है
  • चपाती खाएं तथा चावल का प्रयोग न करें
  • वसायुक्त पदार्थ का उपयोग न करें
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